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हनुमान का सूर्य निगलना

---------------------------#खण्डन ---------------------------- ---------#हनुमानजीद्वारा_सूर्य_को_निगला_जाना-------- -------------------------------------------------------------------- कुछ दिन पहले ईसाइयो के एक ग्रुप में इस बात को लेकर हिन्दू धर्म का उपहास उड़ाया जा रहा था - हिन्दुओ के वैदिक ...

भारत पर इस्लामी साम्राज्य का झूठ:-

क्या भारत पर कथित आठ सौ वर्षों तक पर इस्लामी शासन था? क्या भारत मुसलमानों का गुलाम था? नहीं कभी नहीं... क्योंकि यदि आज भारत में हिंदू बहुसंख्यक बचा है तो वह मुसलमानों के सत्ता में रहते हुए कभी संभव नहीं था, कथित इस्लामी शासन के बाद बावजूद आज भी यदि हिंदू बहुसंख्यक बचा है तो इसके दो कारण ही हो सकते हैं..... एक तो यह कि मुसलमानी शासन में हिन्दुओं के प्रति शासको का व्यवहार उदार, सहानुभूति पूर्ण और भाईचारे का रहा हो - लेकिन यह तो कभी हुआ न होगा... आज हिन्दुओं के बहुसंख्यक बचे रहने का दूसरा और वास्तविक कारण कि भारत पर इस्लामी शासन था ही नहीं या भारत के बहुत कम क्षेत्रों में और बहुत कम समय के लिए रहा हो। मुस्लिम इतिहासकार ऐसा लिखते है कि इस्लाम द्वारा भारत विजय का प्रारंभ मुहम्मद बिन कासिम के 712 AD में सिंध पर आक्रमण से हुआ और महमूद गजनवी के आक्रमणों से स्थापित तथा मुहम्मद गौरी के द्वारा दिल्ली के प्रथ्वीराज चौहान को 1O92 A D में हराने से पूर्ण हुआ - फिर दिल्ली सल्तनत के गुलाम वंश खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी वंश के सुल्तान और मुग़ल बादशाह हिंदुस्तान के शासक बताये गए, पर यह काफी हद ...

सत्य

ऋक् मन्त्रों में इन्द्र-मरुत स्वरूप में हनुमानजी का अन्तर्भाव । *महाबीर बिक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमित के संगी ।।* *कंचन बरन बिराज सुबेसा कानन कुंडल केसा ।।* *हाथ बज्र औ ध्...

हनुमान बानर या मानव

(आर्य समाजियों के अनर्गल प्रलाप का जवाब) स्वामी विद्यानंद सरस्वती नामक एक आर्यसमाजी की माने तो पशुपक्षी वेदो के ज्ञाता नहीं हो सकते, क्यों भाई जिन चीजों में जीवन भगवान ने डाला है क्या वो उसे सिखा नहीं सकता क्या, आर्य समाजियों की मुख्य दिक्कत ये है की ये कुछ ज्यादा ही “प्रेक्टिकल” है, क्या वानर, भालू और गिद्ध वेदो के ज्ञाता नहीं हो सकते? अब ज्यादा ना लपेटते हुए निम्न ब्लॉग लिखने का कारण बताता हूँ! आर्यसमाजियों के अनुसार हनुमान जी ना वानर थे, जामवंत जी ना भालू और ना जटायु गिद्ध थे, बस एक आर्यसमाजी ही थे जो चतुर थे, ये मुख्यतः वाल्मीकि रामायण का उदाहरण देते हैं, और तुलसीदासकृत रामचरितमानस को मूर्खों का ग्रन्थ बताते हैं, खैर उस बारे में इनकी पोल बाद में खोलूंगा, अभी बात करते है की आर्य समाजियों को क्यों इस बात से इतनी लगी पड़ी रहती है! आर्य समाजियों का कहना है की हनुमान को वानर कहना उनका अपमान करना है, और हनुमान जी वेदों के ज्ञाता थे तो एक वानर वेदो का ज्ञाता नहीं हो सकता, क्यों भाई? इसमें अपमान की बात कहाँ से आ गयी या फिर आप भी वामपंथियों जैसे सोचने लग गए, ये तो अटल सत्य है, एक सना...

सती प्रथा का सत्य

सती-प्रथा जैसी कुरीतियाँ हम भारतियों के लिए शर्म की नहीं बल्कि गर्व की बात है..... भारतियों की सती-प्रथा,जाति-प्रथा,मूर्ति-पूजा,छूआछूत,ज्योतिष,तंत्र-मंत्र,रीति-रिवाज आदि परम्पराएँ; जिसे कुरीति,मूर्खता या अंधविश्वास बताकर भारतीयों को अपमानित किया जाता है और भारतीय भी शर्मसार होते रहते हैं इन बातों के लिए।पर मैं अपने देशवासियों को यह बताना चाहूँगा कि ये सारी परम्पराएँ हम भारतीयों के लिए कोई शर्म की बात नहीं बल्कि बहुत ही गर्व करने की बात है........... अरे हमने तो अमृत रखे थे अपने पास,इसे जहर तो आपने बना दिया और अब आप ही हमपर जहर रखने का इल्जाम लगाकर हमें अपमानित कर रहे हैं...! हमारे पूर्वज मूर्ख नहीं थे जो इन सारी चीजों के साथ चलते थे बल्कि मूर्ख वो हैं जो इसे समझ नहीं पाए।उदाहरण के लिए देखिए--सती-प्रथा को भारतीयों की सबसे घृणित परंपरा माना जाता है पर मेरे नजर में यह एक महान,आदरणीय और पूज्यनीय परंपरा है।विदेशियों की इतनी औकात ना तो कभी थी और ना ही अब है कि वो इस महान कार्य(पत्नी का सती होना) को समझ सके। जरा विचार करिए कि जीवन-बीमा(life insurance policy) जो अभी इतना लोकप्रिय है जि...

ईसाई इस्लाम एक

--#छिन्नमस्ता_संस्कृति : #ओरिजिनल_सिन_थ्योरी -- आज से तीन दिन पहले मैंने आप सभी स्वजनों के समक्ष एक प्रश्न रखा था की " क्या मुझे इस्लाम पे लिखना चाहिए "।। आप सभी का जवाब हाँ में था और मैंने लिखा भी और जब मैंने कुछ तथ्यों की तलाश में जब इंटरनेट खंगाला तो समझ मे आया की इस्लाम और ईसाई समुदाय एक ही सिक्के के दो पहलू है और दोनों की एक नीति है -- अपनी महत्वाकांक्षी विस्तारवादी नीति , जहाँ आज इस्लाम आज नंगा हो चुका है उसकी असलियत सब जान चुके है वही ईसाई समुदाय अपना काम बेहद शातिराना ढंग से और चुपके छुपके कर रहा है वो हमेसा हिन्दुओ को कुछ प्रलोभन , चंगाई सभा , ईश्वरीय चमत्कार ,गरीबी और अशिक्षा का प्रयोग धर्मान्तरण में करता है ।। मैं आज से धर्मान्तरण में प्रयोग किये जाने वाले उन तथ्यों से आपको रूबरू कराऊंगा जिनका प्रयोग धर्मान्तरण के लिये किया जाता है , आज हम बात करेंगे महिलाओ के अधिकार की -- जब भी हम धर्म की बात करते है तो सबसे पहले एक बात सामने आती है धर्म मे महिलाओ की स्थिति क्या है ,किसी भी परिवार की सबसे अहम कड़ी है उस परिवार की महिला .... जिसे आप तोड़ लो बाकी सब टूट जाएंगे...

असली_बुद्ध_कौन ??

मित्रो बुद्ध मत वाले सिद्धार्थ गौतम को बुद्ध कहते है जबकि जैन ग्रंथो के अनुसार महावीर स्वामी और उनके शिष्य गणधर गौतम बुद्ध है इस सम्बन्ध में कुछ प्रमाण :- बुद्ध मत के बुद्ध का नाम गौतम है लेकिन जैन आदिपुराण में आया है :-"गौतमदागतो देव: स्वर्गाग्रद गौतमो मत ,तेन प्रोक्तमधीनस्त्व चासो गौतामश्रुति ""(दितीय पर्व श्लोक ५३ ) अर्थात महावीर स्वामी १६ वे स्वर्ग (मुस्लिमो के ७ आकाश की तरह जैनों में भी १६-१७ स्वर्ग होते है ) से अवतार्तीत हुए इसलिए उन्हें गौतम कहते है और गौतम की वाणी सुनने से आप का भी नाम गौतम है ,,, ... महावीर स्वामी के शिष्य गणधर बुद्ध है :- आदिनाथ पुराण में आया है :-" चतुर्भिश्रचमलेर्बोधैरबुद्धतस्व जगद यत:| प्रज्ञापारमित बुद्ध त्वा निराहुरतो बुधा: (दितीय पर्व श्लोक ५५ ) है देव आपने ४ निर्मल ज्ञानो (४ आर्य सत्य ) के द्वारा संसार को जान लिया है तथा तथा आप बूधि के पार को प्राप्त हुए इसलिए संसार आपको बुद्ध कहता है ... यहा दो बातें स्पष्ट है महावीर भी गौतम है और गणधर भी गौतम और सिद्धार्थ भी अत: तीनो बुद्ध है ... लेकिन बुद्ध की दावेदा...